भारत की अग्रणी स्वच्छ ऊर्जा कंपनी Waaree Energies Limited ने एक बार फिर सौर ऊर्जा सेक्टर में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने अपने 350KW MANAV Series Inverter को लॉन्च किया है, जो खासतौर पर Utility, Commercial & Industrial (C&I) और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के प्रोजेक्ट्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह इन्वर्टर न केवल अपनी क्षमता और कार्यक्षमता में बेजोड़ है, बल्कि यह भारतीय परिस्थितियों के लिए पूरी तरह अनुकूल भी है।

गौरतलब है कि इस इन्वर्टर को पहले Renewable Energy India (REI) Expo 2025 में प्रदर्शित किया गया था, जहाँ Waaree ने 0.7KW से लेकर 350KW तक की सिंगल-फेज और थ्री-फेज इन्वर्टर रेंज पेश की। REI Expo में इस इन्वर्टर ने उद्योग जगत का खासा ध्यान आकर्षित किया था और अब इसे आधिकारिक रूप से बाजार में उतारा गया है।
Waaree Energies ने इस इन्वर्टर के माध्यम से अपने पोर्टफोलियो को और मजबूत किया है।
कंपनी का उद्देश्य है कि भारतीय किसानों, उद्योगों और बड़े सोलर प्रोजेक्ट डेवलपर्स को सस्ती, टिकाऊ और हाई-परफॉर्मेंस सोलर टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराई जाए। यह लॉन्च Waaree की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत कंपनी मॉड्यूल्स से लेकर सेल्स, इन्गॉट्स, वेफर्स, फ्रेम्स, जंक्शन बॉक्स और अब इन्वर्टर्स तक पूरी वैल्यू चेन में बैकवर्ड इंटीग्रेशन कर रही है। Waaree फिलहाल भारत और अमेरिका में कुल 22.3 GW की ग्लोबल सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता संचालित करती है और कंपनी की EPC यूनिट Waaree RTL भारत में 5.1 GW के प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
6 MPPT और 150% DC/AC रेशियो से बनेगा अधिक ऊर्जा उत्पादन का नया मानक
WTP350Ki मॉडल (350KW, 6 MPPT) वाला यह इन्वर्टर पूरी तरह भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें 6 MPPT (80A प्रति MPPT) की व्यवस्था दी गई है, जिससे कुल 30 मॉड्यूल स्ट्रिंग्स को सपोर्ट किया जा सकता है यानी हर पैनल से अधिकतम ऊर्जा निकालने की क्षमता। MPPT वोल्टेज रेंज 480V से 1500V तक है और पीक इनपुट वोल्टेज 1500V है। इसके साथ ही 150% से अधिक DC/AC रेशियो होने के कारण यह इन्वर्टर पारंपरिक मॉडलों से अधिक बिजली उत्पन्न करने में सक्षम है।
इस इन्वर्टर की अधिकतम कन्वर्जन एफिशिएंसी 99% और यूरोपियन एफिशिएंसी 98.7% है, जो इसे मार्केट के सबसे एफिशिएंट इन्वर्टर्स में से एक बनाती है। इसके अलावा यह इन्वर्टर –30°C से 60°C तक के तापमान रेंज में बिना किसी रुकावट के काम कर सकता है।
कंपनी के अनुसार, इस इन्वर्टर में IP66 प्रोटेक्शन, एंटी-कोरोशन डिज़ाइन और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी खूबियां दी गई हैं। ये फीचर्स इसे धूल, नमी और उच्च तापमान जैसी भारतीय परिस्थितियों में भी बेहतरीन परफॉर्मेंस देने में सक्षम बनाते हैं। इसके अलावा, रियल-टाइम फॉल्ट डिटेक्शन और I-V कर्व स्कैनिंग जैसी एडवांस तकनीकें उपयोगकर्ताओं को तुरंत परफॉर्मेंस रिपोर्ट प्रदान करती हैं। एक विशेष बात यह भी है कि यह इन्वर्टर डेटा प्राइवेसी को प्राथमिकता देता है और लोकल डेटा होस्टिंग को सपोर्ट करता है, जो बड़े प्रोजेक्ट ऑपरेटर्स के लिए एक बड़ी सुविधा है।
Waaree ने इस इन्वर्टर को न केवल तकनीकी रूप से मजबूत बनाया है, बल्कि इसे भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट और स्केलेबल भी बनाया गया है। यही कारण है कि यह मॉडल 182mm और 210mm बाइफेसियल मॉड्यूल्स के साथ बेहतरीन कम्पैटिबिलिटी रखता है। इसमें पेटेंटेड हीट ट्रांसफर टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है, जिससे ऊर्जा उत्पादन में 5% तक की वृद्धि हो सकती है। इन्वर्टर का कॉम्पैक्ट साइज़ 1098mm × 813mm × 378.5mm और वज़न 117 kg है, जो इसे इंस्टॉलेशन के लिए आसान बनाता है।
किसानों और उद्योगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा यह इन्वर्टर
Waaree का कहना है कि 350KW MANAV Series लॉन्च के साथ कंपनी ने भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांज़िशन की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। खास बात यह है कि इस सीरीज़ में इंटिग्रेटेड Anti-PID प्रोटेक्शन (दिन के समय), फास्ट रिएक्टिव पावर रिस्पॉन्स, PLC कम्युनिकेशन सपोर्ट और अल्यूमिनियम वायरिंग सपोर्ट जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जो कुल प्रोजेक्ट लागत को काफी हद तक कम करती हैं। इसके साथ ही इंटेलिजेंट स्ट्रिंग ब्रेक डिटेक्शन, रिमोट DC स्विच कंट्रोल और टेम्परेचर मॉनिटरिंग जैसे एडवांस सेफ्टी फीचर्स भी शामिल हैं।
यह इन्वर्टर विशेष रूप से कुसुम योजना के तहत चल रहे किसानों के सोलर पंप प्रोजेक्ट्स और C&I सेक्टर की बढ़ती जरूरतों के लिए बेहद उपयोगी रहेगा। Waaree के पास भारत का सबसे बड़ा Authorised Service Points (ASP) नेटवर्क है, जिससे ग्राहकों को तेज़, स्थानीय और भरोसेमंद सर्विस सपोर्ट मिलता है।
यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब भारत का सोलर इन्वर्टर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार यह बाजार 2032 तक $950.3 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें करीब 7.9% की CAGR दर्ज होगी। “Make in India” एजेंडे और PLI इंसेंटिव्स के चलते स्मार्ट, हाइब्रिड और IoT-सक्षम इन्वर्टर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है और MANAV Series इसी ट्रेंड को कैप्चर करती है।
कंपनी के Executive Director, सुनील राठी ने कहा, “Waaree में हमारा फोकस हमेशा इनोवेशन और एक्सेसिबिलिटी पर रहा है। MANAV Series के साथ हम भारत के मार्केट में एक हाई-परफॉर्मेंस और विश्वसनीय इन्वर्टर ला रहे हैं, जो बेहतरीन क्वालिटी के साथ किफायती भी है। हमारा लक्ष्य भारत को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।”
उल्लेखनीय है कि Waaree अपने इन्वर्टर पोर्टफोलियो के दम पर अब यूरोपीय बाजार में भी कदम रखने की तैयारी में है। EU के Net-Zero Industry Act (NZIA) के तहत सोलर प्रोडक्ट्स की सप्लाई चेन रेज़िलिएंस और ट्रेसेबिलिटी पर जोर बढ़ रहा है, जिसमें Waaree जैसी भारतीय कंपनियों को बड़ा अवसर मिल रहा है। Eastern Europe में कंपनी 2026 से अपने EPC ऑपरेशन्स स्केल करने की योजना बना रही है।
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