EV को रफ्तार देने आई नई Lithium Metal Battery! आग, लीकेज और Dendrite खतरा खत्म — 80°C पर भी कायम रही पावर!

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंडस्ट्री जिस सबसे बड़ी चुनौती से जूझ रही थी, वह थी बैटरी की सुरक्षा, स्थिरता और लंबी उम्र। चीन से आई एक नई वैज्ञानिक उपलब्धि ने इस चिंता को काफी हद तक दूर कर दिया है। Nankai University और उसके सहयोगी वैज्ञानिकों ने एक अत्याधुनिक Lithium Metal Battery (LMB) विकसित की है, जो न केवल ज्यादा सुरक्षित है, बल्कि हाई तापमान और लंबे समय तक इस्तेमाल में भी बेहतरीन प्रदर्शन करती है। इस बैटरी में इस्तेमाल किया गया fluorinated deep eutectic gel electrolyte (DEGE) इसे पारंपरिक बैटरियों से बिल्कुल अलग और ज्यादा भरोसेमंद बनाता है।

Lithium Metal Battery launch for ev

Lithium Metal Battery में क्या है सबसे बड़ा ब्रेकथ्रू

इस नई बैटरी के टेस्ट रिजल्ट्स ने पूरी इंडस्ट्री को चौंका दिया है। Li||Li सेल लगातार 9,000 घंटे तक स्थिर रूप से काम करता रहा, जबकि Li||LiFePO4 सेल ने 2,500 चार्ज साइकल के बाद भी अपनी 81.7% क्षमता बनाए रखी। यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि बैटरी की लाइफ और परफॉर्मेंस दोनों में बड़ा सुधार हुआ है। सबसे खास बात यह है कि 80°C जैसे ऊंचे तापमान पर भी यह बैटरी 300 साइकल तक पूरी तरह स्थिर रही, जो EVs के लिए बेहद अहम है क्योंकि गर्म मौसम और फास्ट चार्जिंग के दौरान तापमान तेजी से बढ़ता है।

पारंपरिक लिक्विड इलेक्ट्रोलाइट बैटरियों में लीकेज, आग लगने और थर्मल रनअवे का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके अलावा Lithium Dendrite बनना एक गंभीर समस्या थी, जो बैटरी के अंदर शॉर्ट सर्किट का कारण बनती है। नई gel-based lithium metal battery ने इन सभी कमजोरियों को लगभग खत्म कर दिया है, जिससे EVs ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकेंगी।

Fluorinated Gel Electrolyte और Dendrite समस्या का समाधान

Nankai University की रिसर्च टीम ने इस समस्या को सटीक molecular design के जरिए हल किया। उन्होंने fluorinated amide compound 2,2,2-trifluoro-N-methylacetamide (C=Oα3F) को इलेक्ट्रोलाइट का मुख्य घटक बनाया। इस मॉलिक्यूल की low LUMO energy और कम lithium ion barrier जैसी विशेषताएं बैटरी के अंदर एक बेहद मजबूत SEI यानी Solid Electrolyte Interphase बनाती हैं।

यह SEI लेयर LiF और Li3N से भरपूर होती है, जो बैटरी के इंटरफेस को मजबूत बनाती है और dendrite बनने की संभावना को लगभग खत्म कर देती है। Atomic Force Microscopy टेस्ट में इसकी mechanical strength 6.9 GPa मापी गई, जो अब तक किसी भी lithium metal battery में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। इसका सीधा मतलब है कि बैटरी अंदर से ज्यादा मजबूत है और लंबे समय तक खराब हुए बिना काम कर सकती है।

EVs से लेकर Grid Storage तक, हर जगह क्रांति

इस खोज का असर सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों तक सीमित नहीं रहने वाला है। Grid-scale energy storage systems, renewable energy बैकअप और बड़े इंडस्ट्रियल इस्तेमाल में भी यह तकनीक गेम चेंजर साबित हो सकती है। नई gel-based lithium metal battery में न तो लीकेज का डर है, न ओवरहीटिंग का खतरा। Nail penetration और thermal runaway जैसे सख्त सुरक्षा टेस्ट में भी यह बैटरी बिना किसी नुकसान के सफल रही।

प्रोफेसर Tianfei Liu के अनुसार, यह तकनीक रासायनिक डिजाइन और वास्तविक प्रदर्शन के बीच की दूरी को खत्म करती है, जबकि प्रोफेसर Kai Zhang का मानना है कि यह रिसर्च अगली पीढ़ी की high-performance EV batteries का मजबूत ब्लूप्रिंट है। अगर यह तकनीक जल्द ही कमर्शियल स्तर पर आती है, तो EVs की बैटरी लाइफ कई गुना बढ़ेगी, चार्जिंग टाइम घटेगा और सुरक्षा का स्तर पहले से कहीं ज्यादा बेहतर होगा। कुल मिलाकर, यह आविष्कार न केवल EV revolution को तेज करेगा, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

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