साल 2026 में टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है, लेकिन आज भी बहुत से लोग अपने घर के लिए पुरानी सोलर तकनीक पर पैसा खर्च कर रहे हैं। अब बिजली कंपनियों द्वारा लागू किए जा रहे टीओडी यानी टैरिफ ऑफ द डे सिस्टम ने सोलर सिस्टम का पूरा गणित बदल दिया है। इस सिस्टम में दिन की बिजली सस्ती और रात की बिजली महंगी हो जाती है, जबकि आमतौर पर सोलर पैनल दिन में ही बिजली बनाते हैं और रात में ग्रिड पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में जिन लोगों ने केवल ऑन-ग्रिड सिस्टम लगवाया है, उन्हें पावर कट या ग्रिड फेल होने की स्थिति में कोई फायदा नहीं मिलता।

भारत में कई जगहों पर दिन में भी बार-बार पावर ट्रिप की समस्या रहती है, और बारिश या आंधी में दो-दो दिन बिजली नहीं आती। अगर आपने सिर्फ सब्सिडी के लालच में कम एफिशिएंसी वाले पैनल लगवाए हैं, तो साल के 365 दिन पर्याप्त बिजली मिलना मुश्किल हो सकता है। यही कारण है कि अब हाई एफिशिएंसी हाइब्रिड सिस्टम की जरूरत बढ़ गई है, जो दिन-रात दोनों समय भरोसेमंद पावर दे सके।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Nexus Energy ने एक ऐसा 3KW HDT सोलर कॉम्बो पैक पेश किया है, जो कम जगह में ज्यादा यूनिट प्रोड्यूस करने का दावा करता है और टीओडी सिस्टम के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकता है।
HDT 730W पैनल: कम जगह में ज्यादा यूनिट, हर मौसम में बेहतर परफॉर्मेंस
इस कॉम्बो पैक की सबसे खास बात है इसका 730 वाट का एचडीटी सोलर पैनल। जहां सामान्य मोनोपर्क पैनल औसतन 4 से 4.5 यूनिट प्रति किलोवाट प्रतिदिन बनाते हैं और टॉपकॉन पैनल लगभग 5 से 5.5 यूनिट तक देते हैं, वहीं HDT टेक्नोलॉजी 6.5 से 7 यूनिट प्रति किलोवाट तक उत्पादन का दावा करती है। इसका मतलब है कि जहां आपको 20 यूनिट रोज चाहिए, वहां सामान्य टेक्नोलॉजी में लगभग 4 किलोवाट पैनल की जरूरत पड़ेगी, जबकि HDT में करीब 3 किलोवाट में ही काम हो सकता है।
इस पैनल की एक और बड़ी खासियत है कि हाई टेम्परेचर में इसकी एफिशिएंसी कम गिरती है। जहां पारंपरिक पैनल हर डिग्री पर लगभग 4% तक गिरावट दिखा सकते हैं, वहीं HDT पैनल में यह गिरावट लगभग 2% बताई जाती है। इसका सीधा फायदा यह है कि गर्मियों में भी आउटपुट स्थिर रहता है।
सुबह जल्दी और शाम को भी यह पैनल बेहतर जनरेशन देने में सक्षम बताया जाता है, जिससे दिन का कुल उत्पादन बढ़ता है। कोहरे और हल्की रोशनी में भी आउटपुट मिलना इसकी एक अतिरिक्त विशेषता है। इसके अलावा यह ग्लास-टू-ग्लास डिजाइन में आता है, जिससे इसे मंकी-प्रूफ और ज्यादा मजबूत माना जाता है। धूल वाले क्षेत्रों में भी इसकी सफाई की जरूरत कम बताई जाती है, जिससे मेंटेनेंस खर्च घट सकता है।
चार ऐसे पैनल मिलकर लगभग 3 किलोवाट का सेटअप बनाते हैं और प्रतिदिन 18 से 20 यूनिट तक उत्पादन देने का दावा करते हैं, जो एक औसत घर के एसी, फ्रिज, कूलर, पंखे और लाइट जैसे लोड को संभालने के लिए पर्याप्त हो सकता है।
लिथियम बैटरी और स्मार्ट हाइब्रिड इन्वर्टर: सिस्टम का असली दिमाग
इस कॉम्बो पैक में 2.5 किलोवाट की लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरी दी जाती है, जिसकी वारंटी 5 साल और अनुमानित लाइफ 10 से 15 साल तक बताई जाती है। यह बैटरी वॉल-माउंटेड डिजाइन में आती है, जिससे फर्श की जगह बचती है। फ्रंट डिस्प्ले पर वोल्टेज, करंट और तापमान जैसी जानकारी मिलती है, जिससे यूजर को इन्वर्टर खोलकर देखने की जरूरत नहीं रहती।
यह बैटरी पारंपरिक 200Ah की दो लेड-एसिड बैटरियों के बराबर बैकअप देने का दावा करती है, लेकिन आधे समय में चार्ज हो सकती है। इसका मतलब है कि दिन में कम समय की धूप में भी बैटरी तेजी से चार्ज होकर रात का बैकअप दे सकती है।
हाइब्रिड इन्वर्टर इस सिस्टम का सबसे अहम हिस्सा है। यह सोलर, बैटरी और ग्रिड तीनों स्रोतों को मैनेज कर सकता है। आप चाहें तो पहले सोलर से लोड चलाएं, या सोलर प्लस बैटरी से, या ग्रिड प्लस सोलर से। नेट मीटरिंग होने पर ग्रिड एक्सपोर्ट भी संभव है। यह इन्वर्टर लगभग 3 किलोवाट तक का लोड संभाल सकता है, बशर्ते सोलर और बैटरी सपोर्ट पर्याप्त हो।
इसके साथ एक प्रोटेक्शन बॉक्स भी दिया जाता है, जो वोल्टेज फ्लक्चुएशन और ओवरलोड से सिस्टम को बचाने में मदद करता है। यह सुरक्षा लंबे समय तक सिस्टम की लाइफ बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कीमत, सब्सिडी और किसके लिए है यह सिस्टम
नीचे दी गई टेबल में इस 3KW HDT कॉम्बो पैक की अनुमानित कीमत का ब्रेकअप समझ सकते हैं:
| कंपोनेंट | अनुमानित कीमत (₹) |
| 730W HDT सोलर पैनल (प्रति पैनल) | 20,440 |
| हाइब्रिड इन्वर्टर | 40,250 |
| लिथियम बैटरी (2.5KW) | 43,520 |
| प्रोटेक्शन बॉक्स | 10,000 |
| कुल अनुमानित लागत (चार पैनल सहित) | 1,76,230 + GST |
इंस्टॉलेशन का खर्च अलग से लगभग 15,000 से 20,000 रुपये तक हो सकता है। कुल मिलाकर करीब 2 लाख रुपये के आसपास यह एडवांस 3KW हाइब्रिड सिस्टम तैयार हो सकता है, जो सामान्य 4KW पारंपरिक सिस्टम की तुलना में कम जगह और कम लॉन्ग-टर्म मेंटेनेंस के साथ अधिक यूनिट देने का दावा करता है।
यदि आप सरकारी सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं, तो PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के तहत केंद्रीय स्तर पर लगभग ₹78,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है, जबकि कुछ राज्यों में अतिरिक्त सब्सिडी भी उपलब्ध है। लेकिन ध्यान रहे आपको सब्सिडी लेने पर HDT पैनल नहीं मिलेंगे क्योंकि सरकार केवल DCR पैनल पर ही सब्सिडी देती है.
यह सिस्टम उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकता है जो टीओडी सिस्टम से परेशान हैं, जिनके यहां बार-बार पावर कट होते हैं, या जो कम जगह में ज्यादा बिजली उत्पादन चाहते हैं। सही प्लानिंग और प्रोफेशनल इंस्टॉलेशन के साथ यह 3KW HDT हाइब्रिड सेटअप लंबे समय तक स्थिर और किफायती पावर समाधान दे सकता है।
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